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DRDO 2-DG Covid Medicine: कोरोना से जंग के लिए DRDO का हथियार तैयार, जानें डोज, साइड इफेक्‍ट्स, कीमत

डीआरडीओ ने एंटी कोविड मेडिसिन ‘2-डिओक्सी-डी-ग्लूकोज़’ (2डीजी) को रेड्डी लैब के साथ मिलकर बनाया है। क्लीनिकल-ट्रायल के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस दवाई को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए हरी झंडी दे दी थी।

नेहा पाठक
नई दिल्ली। डीआरडीओ की ओर से विकसित की गयी कोविड-19 रोधी दवा 2-डीजी की पहली खेप सोमवार को लॉन्च की गयी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन इस दवा को लॉन्च किया। रक्षा मंत्रालय ने इस महीने के शुरू में कहा था कि कोविड-19 के मध्यम लक्षण वाले तथा गंभीर लक्षण वाले मरीजों पर इस दवा के आपातकालीन इस्तेमाल को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) की ओर से मंजूरी मिल चुकी है।

गौरतलब है कि हाल ही में डीआरडीओ की तरफ से एंटी-कोविड दवाई बनाने का दावा किया गया था। डीआरडीओ की तरफ से कहा गया है कि ग्लूकोज पर आधारित इस दवाई के सेवन से कोरोना ग्रस्त मरीजों को ऑक्सीजन पर ज्यादा निर्भर नहीं होना पड़ेगा। डीआरडीओ ने एंटी कोविड मेडिसिन ‘2-डिओक्सी-डी-ग्लूकोज़’ (2डीजी) को रेड्डी लैब के साथ मिलकर बनाया है। क्लीनिकल-ट्रायल के बाद ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस दवाई को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए हरी झंडी दे दी थी।

जानिए 2-DG के बारे में सबकुछ

निर्माता: इस दवा को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की प्रयोगशाला इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (INMAS) द्वारा विकसित किया गया है। हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज एक पार्टनर रही है और ये सार्वजनिक उपयोग के लिए दवा का निर्माण कर रही है।

दवा कैसे करती है काम?

DRDO प्रमुख जी. सतीश रेड्डी ने कहा कि ये दवा कोरोनावायरस से संक्रमित शेल पर सीधा काम करेगी। शरीर का इम्यून सिस्टम काम करेगा और मरीज जल्दी ठीक होगा। ये एक ग्लूकोज एनालॉग है, जो ग्लूकोज जैसा दिखता है, लेकिन है नहीं। शरीर में तेजी से बढ़ रहे एक वायरस को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है। इस प्रकार, वायरस इस ग्लूकोज एनालॉग को ले लेगा और बेअसर हो जाएगा। दवा तब वायरस को बढ़ने से रोक देगी।

ऑक्सीजन लेवल गिरने से कैसे इलाज करेगी?

इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज के डायरेक्टर, डॉ. अनिल मिश्रा ने ऑल इंडिया रेडियो को दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि शरीर में वायरस तेजी से बढ़ता है, इसलिए ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है। अगर वायरस को एक बर बढ़ने से रोक दिए जाए, तो ऑक्सीजन की कमी अपने आप सुधर जाती है और ये दवा वायरस को बढ़ने से रोकती है।

दवा की कीमत

INMAS के वैज्ञानिक डॉ. सुधीर चंदना ने कहा है कि दवा की कीमत डॉ रेड्डीज की तरफ से तय की जाएगी, जो वैक्सीन की खुराक का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किफायती कीमत को दिमग में रखते हुए ही, दवा की कीमत तय की जाएगी।

दवा की डोज

सुधीर चंदना ने कहा है कि ग्लूकोज पाउडर की तरह इस दवा को पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं। एक Covid-19 मरीजो को पूरी तरह से ठीक होने के लिए इस दवा को पांच से सात दिनों तक लेना पड़ सकता है।

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