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COVID : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए

मनप्रीत कौर
नई दिल्ली। देश में बढ़ते कोरोना के संक्रमण के बीच केंद्र सरकार ने अब कमर कस ली है। केंद्र सरकार की ओर से आज शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना की रोकथाम के लिए उपाय करने शुरू कर दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर एसओपी दिशा-निर्देश जारी किए है।

स्टडी के अनुसार, कोरोना से ठीक हो चुके वे मरीज जो पहले से हृदय से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या से जुझ रहे हैं वे बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें. अगर आपको सीने में दर्द या ऊपर बताए गए किसी तरह के लक्षण दिखाई दें तो खुद उपचार ना करें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं.
इसमें कोरोना महामारी को लेकर अन्य उपायों के बीच ग्रामीण स्तर पर कोविड के प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के लिए निगरानी, ​​स्क्रीनिंग, घर और समुदाय आधारित क्वारंटाइन और योजना पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है।

अधिक संक्रमण दर वाले जिलों की संख्या घटी

देश में कोरोना संक्रमण दर में गिरावट का सिलसिला जारी है। पिछले पांच दिनों से संक्रमण दर 20 फीसद से नीचे बनी हुई है। चार दिनों में 10 फीसद से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों की संख्या 533 से घटकर 516 पर आ गई है, लेकिन 316 जिलों में नए केस का बढ़ना चिंता का सबब बना हुआ है।

सरकार के मुताबिक, पिछले हफ्ते संक्रमण दर 21.9 फीसद थी, जो इस हफ्ते 19.8 फीसद पर आ गई है। वैसे तीन मई के बाद से ही संक्रमण दर में गिरावट शुरू हो गई थी। 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संक्रमण दर में कमी दर्ज की गई है। छत्तीसग़़ढ, झारखंड, दिल्ली, दमन एवं दीव, हरियाणा, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों संक्रमण दर में सबसे ज्यादा गिरावट आई है।

संक्रमण दर कम हो रही है तो रिकवरी रेट बढ़ रही है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार समेत 18 राज्यों में रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। तीन मई को जहां पूरे देश में औसत रिकवरी रेट 81.70 फीसद थी, अब ब़़ढकर 83.83 फीसद पर पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने कहा कि हालात में स्थिरता आ रही है और सरकार और स्थिति सुधारने की दिशा में काम कर रही है। कुछ राज्यों में हालात बेहतर हो रहे हैं तो कई चिंता का कारण बने हुए हैं और कुछ में नए मामले ब़़ढ रहे हैं।

सक्रिय मरीजों की संख्या में गिरावट का यह सिलसिला पिछले 12 दिनों से जारी है। दूसरी लहर में सक्रिय मामले 40 लाख के करीब पहुंच गए थे, जो अब 36 लाख के करीब आ गए हैं। उबरने की दर ब़़ढ रही है और मृत्युदर स्थिर है, जो ब़़डी उपलब्धि है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसग़़ढ जैसे राज्यों, जहां केस की संख्या बहुत ज्यादा है, लेकिन एक्टिव केस में गिरावट देखने को मिल रही है।

हालांकि, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर पूर्व और कर्नाटक, केरल समेत दक्षिण के कुछ राज्यों में केस ब़़ढने भी शुरू हो गए हैं। केंद्र लगातार राज्यों के संपर्क में है और इससे निपटने के लिए सुझाव दिए हैं।

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