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संसद सुरक्षा चूक मामले में आई कई जानकारी, क्राइम सीन को रिक्रिएट करना जरूरी नहीं

13 दिसंबर को लोकसभा की सुरक्षा में हुई चूक मामले में एक अधिकारी का बयान सामने आया है उन्होंने कहा कि सारी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। ऐसे में सीन रिक्रिएट करने की कोई जरूरत नहीं है।

सोनाली सिंह

नई दिल्ली। लोकसभा की सुरक्षा में हुई चूक के मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि क्राइम सीन रिक्रिएट करने की कोई जरूरत नहीं है। क्योकि पूरी वारदात कैमरे में रिकॉर्ड है। सामाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि ”हमने वहां के सभी सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट किए हैं और टीमें उन्हें स्कैन कर रही हैं। हमने फुटेज के आधार पर आरोपियों से पूछताछ भी की है और अभी तक क्राइम सीन को रिक्रिएट करने की कोई जरूरत नहीं पड़ी है।”

संसद में दो शख्सों ने कूद कर किया था हंगामा

बता दें कि बीते सप्ताह लोकसभा की दर्शक दीर्धा से दो शख्स नीचे कूद गए थे और कलरफुल घुआं घुआं कर दिए। जिससे वहां मौजूद सासंदों में अफरातफरी मच गई। हालांकि सासंदों ने तत्काल आरोपियों को पकड़ लिया और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। ठीक इसी समय संसद के बाहर एक महिला और एक शख्स तनाशाही नहीं चलेगा…नहीं चलेगी और भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। यह घटना उस दिन हुई, जिस दिन साल 2001 में हुई संसद हमले की 22 वीं बरसी थी।

ये है घटना का मास्टरमाइंड

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना का मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल का रहने वाला ललित झा बताया जा रहा है। ललित झा ने घटना के एक बाद कर्तव्य पथ थाने जाकर सरेंडर किया था। ललित झा संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे अपने साथियों का वीडियो रिकॉर्ड किया था और एक एनजीओ को भेजा था। ललित झा ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं।

साथियों के मोबाइल लेकर संसद से भागा था ललित

सामने आई जानकारी के अनुसार,ललित झा ने अपने प्लान को अंजाम देने से ठीक पहले चार अन्य आरोपियों के मोबाइल लेकर संसद से भाग निकला था। झा ने संसद के बाहर अमोल और नीलम के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी को अपने फोन में रिकॉर्ड किया था और पश्चिम बंगाल में एक एनजीओ (सामोवादी सुभाष) से जुड़े हुए नीलक्खा आइच नाम के एक शख्स को शेयर किया।

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