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5G Technology का COVID-19 के फैलने से नहीं है कोई नाता, DoT ने किया क्लेरिफाई

नेहा पाठक
नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने स्पष्ट कर दिया है कि 5जी टेक्नोलॉजी (5G Technology) का कोविड-19 (COVID-19) वायरस के फैलने से कोई नाता नहीं है। विभाग ने कहा है कि इन दोनों के बीच कोई लिंक (5G Technology and COVID-19 Link) नहीं है. इस तरह की कोई भी रिपोर्ट या दावा गलत है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। साथ ही दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में अभी 5जी नेटवर्क की टेस्टिंग कहीं भी शुरू नहीं हुई है।

विभाग ने कही ये बात

खबर के मुताबिक, विभाग (Department of Telecommunications) ने कहा कि मोबाइल टावरों में गैर-आयनीकरण रेडियो फ्रीक्वेंसी होती है जो बहुत कम शक्ति की होती है और इन कोशिकाओं को किसी भी तरह की क्षति पहुंचाने में असमर्थ होती है। दूरसंचार विभाग ने कहा कि उसने रेडियो फ़्रीक्वेंसी फील्ड के लिए एक्सपोज़र लिमिट के मानदंड निर्धारित किए हैं, जो इंटरनेशनल मानकों के 10 गुना ज्यादा हैं।

हाल ही में किया गया था दावा

देश में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. इन्हीं से एक दावा यह है कि 5जी की टेस्टिंग के कारण कोरोना (5G Technology and COVID-19 Link) यह फैल रहा है। एक दावा यह भी है कि कोरोना जैसी कोई बीमारी नहीं है, बल्कि 5G टेक्नोलॉजी (5G Technology) की टेस्टिंग का परिणाम है।

5जी ट्रायल का रास्ता साफ

दूरसंचार विभाग (DoT) ने हाल ही में देश में 5जी नेटवर्क परीक्षण (5G trial in India) के लिए दूरसंचार कंपनियों (Telecom companies) के एप्लीकेशन को मंजूरी दे दी. हालांकि, इसमें कोई भी कंपनी चीनी टेक्नोलॉजी (Chinese Technology) का इस्तेमाल नहीं कर रही है। दूरसंचार विभाग ने रिलाइंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel), वोडाफोन और एमटीएनएल के एप्लीकेशन को इसके लिए मंजूरी दी है. इनमें से कोई भी कंपनी चीनी कंपनियों की तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर रही है।

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