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हर चेहरे में छुपा है इक चेहरा ……..

हर चेहरे में छुपा है इक चेहरा,
बस नकाब के उठने का इंतजार कीजिए ।
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं,थोड़ा धैर्य रखिए,थोड़ा सब्र कीजिए
पड़त दर पड़त खुबसूरत ये काया ,
है जिसमें बस खोखलापन समाया ।
ऊपर से कहें क्या इनकी मासूमियत ,
वो दिखावे की हमदर्दी और गहरी शराफत ,
सच खुलने की चाहत बरकरार कीजिए ।
इनके नखरे और जलवे के क्या कहने
हर गली में तमाशा इनका देखा है हमने ,
आप भी देख लेंगे , ऐतबार कीजिए।
क्या लम्बा बदन रूप हल्दी-चन्दन ,
आज महफिल में सबको कर देंगे मगन।
फिलहाल इनकी नजाकत का दीदार कीजिए। ।
जीतने दो इन्हें छोटी-छोटी लड़ाइयों को ,
खुद को रणभूमि जीतने के लिए तैयार कीजिए ।
एक दिन पूरा कुरूक्षेत्र होगा मुट्ठी में आपके,
कयामत से कयामत तक इंतजार कीजिए । ।

~ रूपम सिंह
मुजफ्फरपुर , बिहार

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