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‘सेवा दान फाउंडेशन’ के द्वारा मनाया गया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’

विश्व पर्यावरण दिवस मनाए जाने से पहले हर साल के लिए एक थीम का चयन किया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम ‘पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration)’ है।

दिव्या पाण्डेय
कानपुर नगर। विश्व पर्यावरण दिवस पिछले कई वर्षों से सैकड़ों देश मनाते आ रहे हैं जिसमें हम प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाते हैं। सेवा दान फाउंडेशन संस्था प्रकृति संरक्षण के लिए कार्यरत है यह प्रकृति में रह रहे समस्त जीवो जैसे पेड़ -पौधे ,सरीसृप प्रजाति ,बेसहारा पशु पंछी इन सभी के लिए कार्य करती है। संस्था के द्वारा प्रकृति संरक्षण के अंतर्गत पंछियों को बचाने के लिए आर्टिफिशियल घोसले दिए जाते हैं। हर साल संस्था के द्वारा पौधारोपण का कार्यक्रम जून से लेकर सितंबर तक इन तीन महीनों तक किया जाता है। अगर पौधे घर के सामने लगाये गये है तो उस घर पर रहने वाले स्वामी की यह जिम्मेदारी होती है कि उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल करें। पार्क के अंदर खाली स्थानों पर भी हम पेड़ लगाते हैं इसका सबसे अच्छा यह फायदा होता है कि उन्हें किसी भी तरीके से कोई पशु नुकसान नहीं पहुंचा सकते।

संस्था के अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने यह भी बताया कि हमें कुछ पेड़ ऐसी भी लगाने चाहिए जो फल और फूल देने वाले हो क्योंकि मधुमक्खी ,भंवरे ,तितलियां यह खाद्य श्रृंखला के लिए बहुत ही जरूरी है अगर यह नहीं होंगे तो परागण क्रियाएं प्राकृतिक तौर से नहीं चल पाएंगी जिससे पेड़ पौधों की कई प्रजातियां नष्ट होने लगेंगे। शहर में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं क्योंकि जंगलों से उन्हें बेघर कर दिया गया तो वह शहर की तरफ लौटे हैं और वैसे भी आज जो मनुष्य शहर में रह रहा है यह शहर पहले जंगल ही थे पहले भी इन वानरों का यहां पर हक था और आज भी उनका यहां हक है पर एक भूखे पेट का सवाल है जिसके कारण यह बंदर शहरों में आकर उपद्रव मचाते हैं इसलिए अगर फलदार वृक्ष लगे होंगे तो उनसे वह अपना पेट भर लेंगे उचित स्थानों पर फलदार वृक्षों का भी रोपण होना चाहिए।

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