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सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे लोग, कोविड केयर फंड का प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मांगा हिसाब

ज्योति सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यूपी कोविड केयर फंड का हिसाब मांगा है। अजय कुमार ने कहा कि सरकार की लापरवाही और संवेदनहीन रवैये की वजह से पूरा प्रदेश आज महामारी से अपनी क्षमता से लड़ रहा है। आज जनता को सबसे ज्यादा सहयोग करने की जरूरत थी, उस समय योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपना भ्रष्टाचार का चेहरा उजागर किया है।

सरकार नहीं दे रही खर्च का हिसाब

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि विधायक निधि को 1 साल के लिए सस्पेंड कर 2020-21 की विधायक निधि का पैसा, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में से 30 प्रतिशत वेतन की कटौती का पैसा आदि कोविड केयर फंड में जमा कराया गया। बताया गया कि इसका उपयोग महामारी से लड़ने में किया जाएगा। लेकिन इस फंड का कोरोना के दूसरी वेब के समय में कुछ पता नहीं है। प्रदेश में लोग ऑक्सीजन, दवाई और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं के अभाव में दम में तोड़ रहे हैं। अब तक इस फंड में कितने पैसे जमा हुए, कितना पैसा किस मद में किस माध्यम से खर्च हो रहा है? सरकार नहीं बता रही है।

लल्लू ने जारी किए आंकड़े
जुलाई 2020 तक यूपी कोविड-केयर फंड में विभिन्न स्रोतों से 412 करोड़ रुपए जमा हुए। इसकी जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक प्रश्न के जवाब में लिखित उत्तर में दिया। 412 करोड़ में 252 करोड़ विभिन्न कार्यों पर खर्च किए गए, इनमें 169.75 दवाएं लेने व चिकित्सा उपकरण और ढांचागत सुविधाएं खरीदने में और प्रवासी श्रमिकों को एक 1000 दिए जाने में 83.07 खर्च किए गए। बाकी 160 करोड़ रुपए कहां गए, उसका आज तक पता नहीं और ना ही इसका जवाब सरकार ने आज तक दिया है।

जुलाई 2020 के बाद भी जो धनराशि यूपी कोविड-केयर फंड में जमा हुए, उसका भी कोई हिसाब किताब आदित्यनाथ सरकार की तरफ से सार्वजनिक नहीं किया गया। जिस पैसे का उपयोग लोगों की चिकित्सीय चिकित्सा में किया जाना था। उस पैसे का बंदरबांट हुआ, आज उसका नतीजा यह है कि जब दूसरी लहर कोरोना महामारी की हुई, तब सरकार ने प्रदेश के लोगों को उनके हाल पर मरने को छोड़ दिया और अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है। लोग सड़कों पर मर रहे हैं। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री यह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में किसी चीज की कमी नहीं है। लोग अफवाह फैला रहे हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी।

कांग्रेस ने किए दो सवाल
कांग्रेस पार्टी योगी आदित्यनाथ सरकार से सवाल करती है कि मुख्यमंत्री बताएं कि कोविड-19 फंड में जमा हुए पैसे में जुलाई 2020 तक बचे 160 करोड़ और जुलाई 2020 से अब तक जमा रुपए कहां गए?
जुलाई 2020 के बाद अब तक जो पैसे जमा हुए उसको सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? मुख्यमंत्री अपना अहंकारी तानाशाही स्वभाव छोड़िए, सच को स्वीकार कीजिए। सच ये है कि आपकी सरकार कोरोना महामारी में प्रदेश की लोगों की मदद करने के बजाय उस UP कोविड केयर फंड के भ्रष्टाचार और बंदरबांट में लगी है।

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