NEWS

सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर का असर कम करने का उपाय बताया, गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा

मनप्रीत कौर
नई दिल्ली।
देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच इसकी तीसरी लहर आने की भी बात होने लगी है। यह बात केंद्र सरकार की ओर से ही आई है। हालांकि, सरकार भी इस पर एक राय नहीं बना पा रही है। दो दिन पहले तीसरी लहर की चेतावनी देने वाले प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर विजय राघवन शुक्रवार को फिर मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि यदि हम मजबूत उपाय करते हैं, तो हो सकता है कि कोरोना की तीसरी लहर सभी जगहों पर न आए या कहीं न आए।

राघवन ने कहा कि यह बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि लोकल लेवल पर, राज्यों में, जिलों में और शहरों में गाइडलाइंस कितने प्रभावी ढंग से लागू होती हैं। हालांकि, विजयन ने अपनी ओर से कोई उपाय नहीं बताए। उन्होंने सिर्फ गाइडलाइंस की बात कही।

राघवन ने बुधवार को कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर भी जरूर आएगी। वायरस का संक्रमण अपने सबसे ऊंचे लेवल पर है। अभी यह तय नहीं है कि तीसरी लहर कब आएगी और कितनी खतरनाक होगी, लेकिन हमें नई लहर के लिए तैयार रहना होगा।

गृह मंत्रालय ने कुछ दिन पहले जारी की थी नई गाइडलाइंस
कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ही राज्यों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। इसमें कहा गया था कि अब राज्य सरकारों को सख्ती बरतनी होगी। एडवाइजरी के मुताबिक, किसी इलाके का पॉजिटिविटी रेट लगातार एक सप्ताह तक 10% आता है या कहीं अस्पतालों में 60% बेड भर जाते हैं तो वहां 14 दिन की सख्त पाबंदियां लगाएं। राज्यों को जिलों में छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाने की सलाह दी गई है। साथ ही एंटीजन टेस्ट बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

9 राज्यों में बढ़ रहे केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा, उड़ीसा और उत्तराखंड में कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं। देश में 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 15% से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है।

9 राज्यों में 5 से 15% और 3 राज्यों में 5% से कम पॉजिटिविटी रेट है। 12 राज्यों में 1 लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। देश में 16.96% एक्टिव केस हैं। लगभग 82% रिकवर हो चुके हैं। डेथ रेट महज 1.09% है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
error: Content is protected !!