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मानवता की पुकार, वैक्सीन सबका अधिकार

  • स्वदेशी जागरण मंच ने किया ‘पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रम’ का आयोजन
  • आम जन को पेटेंट फ्री कोरोना वैक्सीन अभियान के प्रति किया गया जागरूक

दिव्या पांडेय
कानपुर नगर। पेटेंट मुक्त कोरोना वैक्सीन को लेकर चलाये जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत स्वदेशी जागरण मंच ने रविवार को ‘विश्व जागृति दिवस’ मनाया। इस अवसर पर शहर के फूलबाग स्थित गाँधी प्रतिमा तले ‘पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इसमें आम जन को पेटेंट फ्री कोरोना वैक्सीन अभियान के प्रति जागरूक करने के साथ ही माँग की गयी कि विश्व व्यापार संगठन कोविड वैक्सीन को पेटेंट मुक्त करे।


स्वदेशी जागरण मंच और उसकी यूनिवर्सल एक्सेस टु वैक्सीन एंड मेडिसिन (युवम) टीम द्वारा रविवार को ‘विश्व जागृति दिवस’ के रूप में पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंच व अन्य संस्थाओं से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कोविड वैक्सीन को सर्व सुलभ बनाने के लिए इसे पेटेंट मुक्त करने के लिए पोस्टर्स व बैनर हाथ में लेकर इसमें भाग लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मंच के प्रांत संयोजक डॉ. पृथ्वी पति सचान, जिला संयोजक प्रवीण मिश्रा, राष्ट्रीय परिषद सदस्य सचिन शुक्ला, जिला विचार विभाग प्रमुख डॉ. भावना श्रीवास्तव व सह प्रमुख डॉ. गीता गुप्ता, महिला प्रमुख शालिनी कपूर, निमिषा त्रिपाठी, रश्मि, नंदकुमार, पारस आदि उपस्थित रहे। कार्यकर्ता ‘मानवता की पुकार, वैक्सीन सबका अधिकार’, ‘एक भी व्यक्ति छूट गया तो सुरक्षा चक्र टूट गया’, ‘एक अभियान मानवता के नाम, पेटेंट मुक्त कोरोना वैक्सीन’ स्लोगन नारे लिखे बैनर पकड़े थे और नारे लगाये। वक्ताओं ने कहा कि युवम के अंतर्गत कोरोना फ्री वैक्सीन की माँग को लेकर चलाये जा रहे अभियान के तहत ऑनलाइन डिजिटल पिटिशन (यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन एण्ड मेडिसन याचिका) पर देश-विदेश से 14 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किये हैं। विश्व के 20 देशों में भी अभियान हुआ व 130 कुलपति सहित 2200 शिक्षाविदों ने भी हस्ताक्षर किये।


वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक मानवता आज कोविड-19 के रूप में एक अभूतपूर्व संकट व त्रासदी का सामना कर रही है। पिछले लगभग एक वर्ष में दुनिया भर में 37 लाख से अधिक और भारत में 3.4 लाख से अधिक लोगों की कोविड-19 से असमय मृत्यु हो गई है। इज़राइल, यूएस, यूके, नॉर्वे आदि देशों ने अपनी वयस्क आबादी के बहुमत का टीकाकरण करके ताजा संक्रमण और कोरोना से होने वाली मौतों को नियंत्रित किया है। लोगों को कोरोना से बचाने के लिए दुनिया को करीब 14 अरब वैक्सीन डोज की जरूरत है, जबकि पिछले लगभग 6 महीनों में सभी आठ फार्मा कंपनियों द्वारा कोविड टीकों की केवल 200 करोड़ डोज का ही उत्पादन किया जा सका है। वर्तमान दर पर दुनिया की योग्य आबादी को टीका लगने में 2-3 साल और लग सकते हैं, जबकि पहले से ही टीका लगाए गए लोगों को पुनः नए कोरोना वेरिएंट से संक्रमित होने से बचाने के लिए 10-12 महीनों के समय में सभी देशों की योग्य आबादी का टीकाकरण करना जरूरी है।

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