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महिला प्रोफेसर डॉक्‍टर पति की हत्‍या में अरेस्‍ट, खौफनाक ढंग से मर्डर को दिया था अंजाम

अर्चना सिंह
मध्य प्रदेश। छतरपुर शहर में 63 वर्षीय कॉलेज प्रोफेसर ने 65 वर्षीय अपने डॉक्टर पति करंट लगाकर हत्या कर दी. आरोपी महिला प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला प्रोफेसर ने अपने पति की हत्‍या इतने खौफनाक तरीके से की, इसकी दास्‍तां सुनकर कोई भी व्‍यक्ति कांप जाएंगा।

कड़ी पूछताछ के बाद प्रोफेसर ममता ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. कड़ी पुलिस पूछताछ में प्रोफसर ममता ने हत्‍या का राज उगलते हुए बताया कि 29 अप्रैल को उसने नीरज पाठक के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं और शाम करीब सात बजे एक्सटेंशन वायर के प्लग को बोर्ड में लगाकर स्विच चालू करके तार से उसके पैर में करंट लगा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

यह घटना 29 अप्रैल को छतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना इलाके की लोकनाथपुरम कॉलोनी में हुई। आरोपी ने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने का प्रयास किया कि उसका पति लंबे समय से बीमार था, जिससे उसकी मौत हो गई।

महाराजा कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. ममता पाठक को पत‍ि डॉक्टर नीरज पाठक की हत्या में गिरफ्तार

पुलिस उपाधीक्षक शशांक जैन ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या करने का अपराध बाद में स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने रविवार को बताया, ” हमने शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर की रसायन विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. ममता पाठक को डॉक्टर नीरज पाठक की हत्या करने के मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया। ”

ममता को अपने पति नीरज के चरित्र पर संदेह था

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच में पता चला है कि ममता को अपने पति नीरज के चरित्र पर संदेह था और इसके चलते उनमें बार-बार झगड़ा होता रहता था। शर्मा ने बताया कि ममता ने हत्या के दो दिन बाद एक मई को सिविल लाइन पुलिस थाने में अपने पति की मौत के बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी।

शिकायत में प्रोफेसर ने बताया था कि खाना खाने के ल‍िए पूछने गई, तो पत‍ि मृत मिले

एसपी ने कहा कि शिकायत में प्रोफेसर ममता ने कहा कि वह 29 अप्रैल को जब रात करीब 9 बजे अपने घर के ऊपर वाले कमरे में अपने पति से खाना खाने के बारे में पूछने गई, तो वह उसे मृत मिले।

पहले बनाया था ऐसा बहाना

एसपी शर्मा ने बताया कि ममता ने शिकायत में कहा था कि उसके पति की मौत हो गई थी, जिससे वह घबरा गई थी, क्योंकि उसके पति, उसे एवं उसके बेटे को सात-आठ दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद वह बिना किसी को सूचना दिए 30 अप्रैल की सुबह करीब आठ बजे अपने बेटे नितेश के साथ जांच एवं इलाज कराने झांसी चली गई और रात करीब साढ़े 9 बजे वापस आई।

संदेह पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई

एसपी ने बताया कि इस रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और इसी दौरान घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ममता पाठक पर संदेह होने के कारण उसे सात मई को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई।

नींद की गोलियां मिलाई , शाम एक्सटेंशन वायर से पैर में करंट लगाकर मारा

एसपी ने बताया कि कड़ी पूछताछ के बाद प्रोफेसर ममता ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि 29 अप्रैल को उसने नीरज पाठक के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं तथा शाम करीब सात बजे एक्सटेंशन वायर के प्लग को बोर्ड में लगाकर स्विच चालू करके तार से उसके पैर में करंट लगा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

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