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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में “इंडो-ईरानियन रिलेशनस्” विषय पर सेमिनार का हुआ आयोजन

अनुराधा सिंह

लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविधालय में 30, अक्टूबर 202 को “इंडो-ईरानियन रिलेशनस्” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भाषा विश्वविधालय के फॉरेन स्टूडेंट सेल द्वारा किया गया | कार्यक्रम के अतिथि अल-मुस्तफा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय ईरान, के मुख्य प्रतिनिधि प्रो. रज़ा शाकिरी एवं सैय्यद अफ़रोज़ मुजतबा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ल ने की।

इस कार्यक्रम में इंडो-ईरानियन संबंधों को विशेषरूप से याद किया गया, जिसमें शिक्षा, संस्कृतिक तथा व्यवसायिक संबंधों पर चर्चा की गई | विश्वविधालय कुलपति प्रो. अनिल कुमार शुक्ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा अपने स्वागत भाषण में भारत और ईरान के संबंधों को सब के सामने रखा। प्रो. रज़ा शाकिरी ने अपने अतिथि भाषण में इस बात को याद किया कि ईरान और भारत हमेशा एक दूसरे का सहयोगी रहें है। भारत की संस्कृति और साहित्य में इसका उल्लेख मिलता है और अल्लामा इकबाल की शायरी इसका उदाहरण है।

इस अवसर पर भाषा विश्वविधालय के उन शिक्षकों को विशेषतौर पर मोमेंटों देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र तथा इंडो-ईरानियन संबंधों के विकास में अपना योगदान दिया है, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. जावेद अख्तर, डॉ. नलिनी मिश्रा, डॉ. रुचिता सुजाई चौधरी, डॉ. आरिफ़ अब्बास, डॉ. सैय्यद काज़िम असग़र रिजवी एवं डॉ. आफ़रीन फातिमा रहे। इसके अतिरिक्त डॉ.बुशरा अलवीरा को एन.सी. सी की ओर से लेफ्टिनेंट की मानद उपाधि मिलने की उपलब्धि पर मोमेंटों दे कर सम्मानित किया गया। अंत में भाषा विश्वविधालय के पूर्व कुलपति प्रो.महरुख मिर्जा ने धन्यवाद ज्ञापन में, कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सब का आभार व्यक्त किया | कार्यक्रम के समन्वयक, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, प्रो. सैयद हैदर अली रहे।

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