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उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ कोरोना कर्फ्यू, पढ़ें किसे होगी आने-जाने की छूट

सौरभ शुक्ला

लखनऊ। प्रदेश में संक्रमण की रोकथाम के लिए वीकेंड कोरोना कर्फ्यू शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू हो गया। यह सोमवार सुबह सात बजे तक चलेगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर किसी अन्य को बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। औद्योगिक इकाइयों से जुड़े कामगारों को फैक्टरी से जाने-आने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें औद्योगिक इकाई की ओर से जारी अनुमति पत्र या परिचय पत्र दिखाना होगा। वहीं, परिवहन विभाग की बसें आधी क्षमता के साथ चलेंगी। बाकी सवारी गाड़ी जैसे ऑटोरिक्शा, टेंपो या टैक्सी नहीं चलेगी। इन दो दिनी की बंदी के दौरान बाजार व सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजेशन का काम होगा। 

इन्हें भी रहेगी छूट…

  • कोयला, खनिज पदार्थ के उत्पादन, परिवहन एवं खनन से जुड़ी गतिविधियां।
  • खाद, कीटनाशक, बीज उत्पादन व इनकी पैकिंग से जुड़ी गतिविधियां।
  • कृषि संयंत्र व उनसे संबंधित उत्पाद वाली इकाइयां
  • डिटजरजेंट व साबुन उत्पाद इकाइयां।
  • सब्जी, दूध, अनाज, दाल आदि का सुगमता से मंडी पहुंचना।

संक्रमित मरीजों के बेहतर इलाज और भर्ती के लिए योगी का बड़ा फैसला 
अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों की भर्ती को लेकर हो रही दिक्कतों को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी अस्पताल व मेडिकल कॉलेज मरीजों को उनकी पॉजिटिव रिपोर्ट के आधार पर सीधे भर्ती कर सकेंगे। हालांकि निजी व सरकारी के लिए व्यवस्था अलग-अलग होगी। यही नहीं, सभी अस्पतालों को रोजाना दिन में दो बार खाली बेड की संख्या डिस्प्ले करनी होगी। शासन ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में नया दिशा-निर्देश जारी कर दिया। अभी तक संक्रमितों को भर्ती करने के लिए सीएमओ की ओर से जारी रेफरल लेटर की व्यवस्था लागू थी। यानी, इंटीग्रेटेड कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर से अस्पताल आवंटित होता था।

अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कई जिलों में एक्टिव मरीजों की संख्या अत्यधिक बढ़ जाने के कारण इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर से अस्पताल आवंटन की सुविधा प्रभावशाली तरीके से लागू नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए 30 जून तक कमांड सेंटर से आवंटन के बिना भी निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती कर सकेंगे। निजी अस्पताल 90 फीसदी बेड पर मरीजों को खुद भर्ती कर सकेंगे। 10 फीसदी बेड आरक्षित रखने होंगे, जिस पर कमांड सेंटर से आवंटित मरीज ही भर्ती होंगे। निजी अस्पतालों को मरीजों को भर्ती करने के बाद प्रदेश सरकार के पोर्टल पर तत्काल इसकी सूचना देनी होगी। ये अस्पताल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही इलाज करेंगे।

निजी अस्पतालों में जाने वाले मरीज अपनी व्यवस्था से अस्पताल जा सकेंगे। अगर कोई मरीज इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर से एंबुलेंस मांगेगा, तो उसे निजी अस्पताल के भर्ती करने के पत्र के आधार पर एंबुलेंस दिलाई जाएगी। इसके लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी आरक्षित किया जाएगा। इस नंबर पर भर्ती का पत्र भेजना होगा।

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