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अब सीरम इंस्टीट्यूट भी बनाएगा रूसी वैक्सीन Sputnik V, औषधि नियामक DCGI से मिली शुरुआती मंजूरी

समय टुडे डेस्क। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को देश के दवा नियामक (DCGI) से रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी बनाने की शुरुआती मंजूरी मिल गई है. अदार पूनावाला की कंपनी अपने पुणे स्थित प्लांट में वैक्सीन का निर्माण करेगी। दरअसल सीरम इंस्टीट्यूट ने Sputnik V वैक्सीन बनाने के लिए औषधि महानियंत्रक DCGI के पास आवेदन किया था। पुणे स्थित कंपनी ने अपने हडपसर केंद्र में स्पूतनिक वी बनाने के लिए मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के साथ गठजोड़ किया है।

सूत्रों ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ने 18 मई को जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ‘जेनेटिक मैनीपुलेशन रिव्यू कमेटी (आरसीजीएम)’ को भी आवेदन देकर अनुसंधान एवं विकास कार्य करने के लिए स्ट्रेन या कोशिका बैंक का आयात करने की अनुमति मांगी थी। आरसीजीएम ने एसआईआई के आवेदन के संबंध में कुछ सवाल किए हैं और पुणे स्थित कंपनी एवं गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के बीच सामग्री हस्तांतरण संबंधी समझौते की प्रति मांगी है। इस समय डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज भारत में रूस के स्पूतनिक वी टीके का उत्पादन कर रही है।

एक सूत्र ने बताया, ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) को बुधवार को एक आवेदन दिया, जिसमें उसके लाइसेंस प्राप्त हडपसर केंद्र में परीक्षण, जांच एवं विश्लेषण के लिए कोविड-19 टीके स्पूतनिक वी के भारत में उत्पादन की अनुमति मांगी गई थी।

SII पहले ही सरकार को बता चुका है कि वह जून में 10 करोड़ कोविशील्ड खुराकों का उत्पादन और आपूर्ति करेगा. वह नोवावैक्स टीका भी बना रहा है। नोवावैक्स के लिए अमेरिका से नियामक संबंधी मंजूरी अभी नहीं मिली है। डीसीजीआई ने अप्रैल में इसके आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी। स्पूतनिक वी की 30 लाख खुराक की खेप मंगलवार को हैदराबाद पहुंची थी. डीसीजीआई द्वारा तय शर्तों के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट को उसके और मॉस्को के संस्थान के बीच समझौते की प्रति जमा करनी होगी।

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